झारखंड में पुलिसकर्मियों का वेतन अटका, आर्थिक तंगी से जूझ रहे जवान; एसोसिएशन ने CM से लगाई गुहार

झारखंड में पुलिसकर्मियों का वेतन अटका, आर्थिक तंगी से जूझ रहे जवान; एसोसिएशन ने CM से लगाई गुहार

झारखंड में पुलिसकर्मियों का वेतन अटका, आर्थिक तंगी से जूझ रहे जवान; एसोसिएशन ने CM से लगाई गुहार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 17, 2026, 11:33:00 AM

झारखंड में पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान में देरी ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। अप्रैल महीने के मध्य तक भी राज्य के कई पुलिस पदाधिकारियों को मार्च का वेतन नहीं मिल पाया है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने सक्रिय पहल करते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।

एसोसिएशन के प्रदेश संयुक्त सचिव एवं कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडे ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पुलिस बल, खासकर कनीय अवर निरीक्षक (ASI) और सहायक अवर निरीक्षक (SI) स्तर के अधिकारियों की मौजूदा हालत पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि लगातार वेतन न मिलने से निचले स्तर के पुलिसकर्मी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि फरवरी महीने का वेतन विभिन्न कटौतियों, जैसे आयकर और राज्य सेवा शुल्क में ही लगभग समाप्त हो गया, जबकि मार्च का भुगतान अब तक लंबित है। दो महीने से नियमित आय न होने के कारण कर्मचारियों के सामने दैनिक खर्च तक चलाना कठिन हो गया है।

इस देरी का असर सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि पारिवारिक जीवन पर भी साफ दिख रहा है। कई पुलिसकर्मियों के बच्चों की स्कूल फीस बकाया है, बैंक की किस्तें समय पर नहीं चुक पाने से ईएमआई बाउंस हो रही हैं, और परिवारों में होने वाले सामाजिक कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, बुजुर्ग अभिभावकों के इलाज और दवाइयों की व्यवस्था करना भी चुनौती बनता जा रहा है।

एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी है कि ऐसी परिस्थितियों में कार्यरत कर्मियों की मानसिक स्थिति और कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आर्थिक दबाव के बीच ड्यूटी निभाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है, जिससे विभाग में असंतोष बढ़ने की आशंका है।

संगठन ने सरकार से अपील की है कि यदि ट्रेजरी से जुड़ी किसी अनियमितता या कथित घोटाले की जांच चल रही है, तो उसे निष्पक्ष तरीके से पूरा किया जाए, लेकिन इसके कारण निम्न वेतनभोगी कर्मचारियों का वेतन रोका जाना उचित नहीं है। उन्होंने तत्काल वेतन जारी करने का आदेश देने की मांग की है, ताकि पुलिस बल का मनोबल बना रहे और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।