झारखंड में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत प्रशासी पदवर्ग समिति ने पुलिस बेड़े में 109 नए वाहनों को शामिल करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अगुवाई मुख्य सचिव ने की, जिसमें विकास आयुक्त और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सरकार का यह निर्णय पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने और विभिन्न परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लक्ष्य से जुड़ा है। गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव के आधार पर दंगा नियंत्रण, कैदी परिवहन और आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष प्रकार के वाहन खरीदे जाएंगे। इनमें 7 प्रिजन वैन, 2 दंगा नियंत्रण वाहन, 5 वाटर कैनन और 12 वाटर टैंकर शामिल हैं।
इसके अलावा, राज्य के नक्सल प्रभावित और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण इलाकों में पुलिस की पहुंच और गतिशीलता बढ़ाने के लिए 83 अतिरिक्त वाहनों की मंजूरी दी गई है। इन क्षेत्रों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 50 मोटरसाइकिलें (150-180 सीसी), जवानों के परिवहन हेतु 27 ट्रूप कैरियर और 6 बड़ी बसें (42 सीट क्षमता) खरीदी जाएंगी।
वाहनों की खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सरकार ने जेम (Government e-Marketplace) पोर्टल के जरिए ही खरीदारी करने का निर्देश दिया है। यदि किसी विशेष श्रेणी के वाहन इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं होते हैं, तो राज्य की खरीद नियमावली के तहत वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस पहल से न केवल पुलिस की परिचालन क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी और सुदृढ़ होगी।