झारखंड पुलिस मुख्यालय ने नौ जिलों से मांगा SRE फंड वाले वाहनों का ब्यौरा

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने नौ जिलों से मांगा SRE फंड वाले वाहनों का ब्यौरा

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने नौ जिलों से मांगा SRE फंड वाले वाहनों का ब्यौरा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 12, 2025, 1:42:00 PM

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के नौ जिलों से उन वाहनों की विस्तृत जानकारी मांगी है, जिनका उपयोग एसआरई (Security Related Expenditure) फंड के तहत किया जा रहा है। जिन जिलों को यह जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें चाईबासा, लातेहार, बोकारो, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह, खूंटी, लोहरदगा और सरायकेला शामिल हैं। मुख्यालय ने संबंधित जिलों के एसपी को तुरंत रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि एसआरई योजना के अंतर्गत ट्रांसपोर्टेशन हेड से खरीदे या संचालित हो रहे दोपहिया और चारपहिया वाहनों का पूरा विवरण प्रस्तुत करें। इसमें चारपहिया वाहनों की कुल संख्या, उनके मॉडल (जैसे—जीप, बोलेरो, स्कॉर्पियो) और उन्हें चलाने वाले अधिकारियों/कर्मियों के नाम सहित सभी जरूरी सूचनाएँ मांगी गई हैं।

पहले नौ जिले थे एसआरई के दायरे में
अप्रैल 2025 तक झारखंड के कुल नौ जिले एसआरई सूची में थे—वेस्ट सिंहभूम, बोकारो, चतरा, लातेहार, खूंटी, सरायकेला, गढ़वा, गिरिडीह और लोहरदगा। लेकिन गृह मंत्रालय की अक्टूबर समीक्षा के बाद इनमें से पांच जिलों—खूंटी, सरायकेला, गढ़वा, गिरिडीह और लोहरदगा—को इस योजना से हटा दिया गया है।

क्या है एसआरई योजना?
सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर (एसआरई) भारत सरकार के गृह मंत्रालय की एक विशेष सहायता योजना है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित, उग्रवाद संकटग्रस्त या अन्य सुरक्षा चुनौती झेल रहे जिलों को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों को इससे बड़ा लाभ मिलता है।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार सुरक्षा अभियानों, बलों के प्रशिक्षण, हिंसा पीड़ितों को सहायता, नक्सलियों के सरेंडर के बाद पुनर्वास तथा सामुदायिक पुलिसिंग जैसी गतिविधियों पर होने वाले खर्च की पूरी राशि वहन करती है