झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी
झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हुई वर्षा ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कोडरमा जिले के तिलैया क्षेत्र में सबसे अधिक 46.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद चंदवा में 45.2 मिमी और रांची के कांके क्षेत्र में 42.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी सिंहभूम समेत कई अन्य जिलों में भी अच्छी वर्षा हुई, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई।
सोमवार के लिए जारी पूर्वानुमान में राज्य के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में गरज के साथ वर्षा होने के आसार हैं। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। विभाग ने वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजधानी रांची में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर तेज धूप और गर्मी के बाद शाम करीब छह बजे बारिश शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही। लगातार हुई वर्षा के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। सेवा सदन पथ, जयपाल सिंह स्टेडियम के आसपास का क्षेत्र, मेन रोड और स्टेशन रोड जैसे हिस्सों में जलभराव देखने को मिला। खराब मौसम के बीच एहतियातन कई इलाकों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी बंद रखी गई, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। समुद्र तल पर सक्रिय मौसमी ट्रफ पश्चिम राजस्थान से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है और इसका प्रभाव झारखंड पर भी पड़ रहा है। इसी वजह से प्रदेश में एक सक्रिय मौसम प्रणाली विकसित हुई है, जो अगले चार से पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियों को बनाए रख सकती है।
हालांकि राज्य के सभी हिस्सों में समान रूप से वर्षा होने की संभावना नहीं है। पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जैसे उत्तर-पश्चिमी एवं कुछ अन्य जिलों में अपेक्षाकृत कम बारिश हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में उमस का असर बरकरार रहने के साथ तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में लोगों को बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है, विशेषकर उन इलाकों में जहां तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। मानसून की बढ़ती सक्रियता फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में राहत और चुनौती, दोनों साथ लेकर आई है।