झारखंड में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और गंभीर मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक अहम बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सोमवार को दोपहर 3 बजे गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित होगी।
इस बैठक के लिए सरकार की ओर से सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। संयुक्त सचिव ओम प्रकाश तिवारी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित राज्य के सभी जिलों के SSP और SP को बैठक में शामिल होकर अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करने को कहा है।
बैठक के एजेंडे में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति की समीक्षा प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही आपातकालीन हेल्पलाइन ‘डायल 112’ पर दर्ज शिकायतों के निपटारे की प्रगति का आकलन किया जाएगा। बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर पॉक्सो एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों, खासकर गुमशुदगी की घटनाओं पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ अत्याचार से जुड़े मामलों की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है, ताकि इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा सके। वहीं, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर रोकथाम और दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी विस्तार से समीक्षा होगी।
इसके अलावा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास और उन्हें मिलने वाले लाभों की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। केंद्र सरकार के CPGRAM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन शिकायतों के निवारण की प्रगति भी बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा।
सरकार की इस पहल को राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।