झारखंड में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों को लेकर समीक्षा बैठक आज, गृह सचिव करेंगे अध्यक्षता

झारखंड में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों को लेकर समीक्षा बैठक आज, गृह सचिव करेंगे अध्यक्षता

झारखंड में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मामलों को लेकर समीक्षा बैठक आज, गृह सचिव करेंगे अध्यक्षता
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 03, 2026, 11:48:00 AM

झारखंड सरकार का गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग बुधवार को प्रशासनिक कार्यों और कानून-व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा करेगा। विभागीय स्तर की यह उच्चस्तरीय बैठक गृह सचिव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह बैठक 29 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन कुछ कारणों से उसे टाल दिया गया था।

बैठक में राज्य के विभिन्न लंबित मामलों की प्रगति का आकलन किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। विशेष रूप से निजी सुरक्षा एजेंसियों के नियमन से जुड़े लंबित प्रकरणों पर चर्चा होगी, ताकि इनके निस्तारण की प्रक्रिया को गति मिल सके।

समीक्षा के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं। आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादियों को सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली सुविधाओं और पुनर्वास योजनाओं की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा अभियोजन स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों की भी जांच होगी, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा सके।

बैठक में राज्य विधानसभा में सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों पर हुई प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। अधिकारियों से यह जानकारी ली जाएगी कि विभिन्न घोषणाओं और वादों के क्रियान्वयन की स्थिति क्या है।

नशे के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान पर भी विशेष चर्चा प्रस्तावित है। एंटी ड्रग अभियान के प्रभाव, उसकी पहुंच और आगे की रणनीति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही जनता की शिकायतों के समाधान के लिए संचालित केंद्रीयकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली के तहत लंबित मामलों की स्थिति पर भी रिपोर्ट ली जाएगी।

बैठक के एजेंडे में न्यायालयों में लंबित सरकारी और विभागीय मुकदमों की समीक्षा भी शामिल है। सरकार का उद्देश्य इन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कदमों की पहचान करना और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।

राज्य सरकार की इस समीक्षा बैठक को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।