झारखंड में आई केयर सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, बिहार आई बैंक का बदलेगा नाम; राज्यपाल ने दी मंज़ूरी

झारखंड में आई केयर सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, बिहार आई बैंक का बदलेगा नाम; राज्यपाल ने दी मंज़ूरी

झारखंड में आई केयर सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, बिहार आई बैंक का बदलेगा नाम; राज्यपाल ने दी मंज़ूरी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 12, 2026, 4:38:00 PM

झारखंड में आंखों के इलाज और नेत्रदान सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने महत्वपूर्ण पहल की है। रांची के लोक भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने बिहार आई बैंक ट्रस्ट का नाम बदलकर “झारखंड आई बैंक” करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने कहा कि संस्थान को राज्य के भरोसेमंद और आधुनिक नेत्र चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सके।

बैठक में राज्यपाल ने अस्पताल की चिकित्सा क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ट्रस्ट प्रबंधन से कहा कि ऐसा कार्य मॉडल तैयार किया जाए, जिससे कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत अधिक वित्तीय सहयोग प्राप्त हो सके। उनका मानना है कि अतिरिक्त संसाधनों के जरिए अत्याधुनिक आई केयर सुविधाओं का विस्तार संभव होगा और मरीजों को उन्नत उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

गरीब और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से राज्यपाल ने संस्थान को जल्द आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का निर्देश भी दिया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन को अधिक पेशेवर और प्रभावी बनाने के लिए अनुभवी अस्पताल प्रबंधक या प्रशासक की नियुक्ति की आवश्यकता बताई।

बैठक के दौरान ट्रस्ट से संबंधित भूमि विवादों और प्रशासनिक अड़चनों पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने इन मामलों के त्वरित समाधान की जरूरत पर बल दिया, ताकि संस्थान के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इस अवसर पर ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव किए गए। डॉ. टीपी बर्णवाल को ट्रस्टी के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया, जबकि संयुक्त सचिव पद पर कार्यरत अजय जैन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।