झारखंड में भ्रष्टाचार के मामलों की निगरानी करने वाली प्रमुख संस्था लोकायुक्त को जल्द ही नया प्रमुख मिलने वाला है। राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता को इस अहम पद के लिए चुना है। चयन समिति की अनुशंसा के बाद प्रस्ताव को लोकभवन भेजा गया, जहां से भी इस पर मंजूरी मिल चुकी है।
जस्टिस गुप्ता का न्यायिक करियर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। हाईकोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय दिए, जिससे उनकी निष्पक्षता और कानूनी समझ की पहचान बनी। करीब नौ वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में सेवा देने के बाद अब उन्हें राज्य की इस संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
गौरतलब है कि झारखंड में लोकायुक्त का पद लंबे समय से खाली था। जस्टिस ध्रुव नारायण उपाध्याय का कार्यकाल जनवरी 2021 में समाप्त होने के बाद से यह पद रिक्त पड़ा हुआ था। इस वजह से भ्रष्टाचार से जुड़े हजारों मामलों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही थी और शिकायतकर्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। इस स्थिति पर झारखंड हाईकोर्ट ने भी नाराजगी जताते हुए सरकार को शीघ्र नियुक्ति करने के निर्देश दिए थे।
अब नए लोकायुक्त की नियुक्ति से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग में तीन हजार से अधिक शिकायतें अभी भी लंबित हैं, जिनके समाधान की जिम्मेदारी जस्टिस गुप्ता के सामने होगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इन मामलों को प्रभावी ढंग से निपटाना और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना होगी।