झारखंड शराब घोटाला: ACB ने अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी के निदेशक को दबोचा

झारखंड शराब घोटाला: ACB ने अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी के निदेशक को दबोचा

झारखंड शराब घोटाला: ACB ने अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी के निदेशक को दबोचा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 13, 2025, 11:56:00 AM

झारखंड में सामने आए शराब घोटाले की जांच के क्रम में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने गुजरात के अहमदाबाद से मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक को शनिवार को गिरफ्तार किया। इससे पहले इसी मामले में 14 अक्टूबर को मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशकों को भी अहमदाबाद से पकड़ा जा चुका है।

जांच में सामने आया है कि विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज और मार्शन इनोवेटिव प्राइवेट लिमिटेड को हजारीबाग, कोडरमा और चतरा जिलों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। चयन के बाद प्लेसमेंट एजेंसी की ओर से 27 अगस्त 2023 को कंपनी प्रतिनिधि नीरज कुमार के हस्ताक्षर से 5.35 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा कराई गई, जो बाद में फर्जी पाई गई।

इसके बाद 28 दिसंबर 2023 को कंपनी निदेशक महेश शिडके के हस्ताक्षर से दोबारा बैंक गारंटी सौंपी गई। कंपनी ने इसका कारण आंतरिक बदलाव बताया। एसीबी की जांच में यह तथ्य सामने आया कि नई बैंक गारंटी के सत्यापन के लिए 10 जनवरी 2024 को पत्र भेजा गया था, लेकिन उत्पाद विभाग या झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) की ओर से किसी स्तर पर इसकी जांच नहीं कराई गई।

इसी दौरान विक्रय के एवज में अंतर राशि जमा नहीं करने पर 9 जनवरी 2025 को विभाग ने बैंक गारंटी जब्त करने का आदेश जारी कर दिया। इसके खिलाफ कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। चूंकि प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा दी गई बैंक गारंटी की वैधता 31 मार्च 2025 तक थी, इसलिए हाईकोर्ट ने उसकी अवधि बढ़ाने का आदेश पारित किया।

इसके बाद विभाग ने बैंक गारंटी की सच्चाई जांचने के लिए दो अधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया। जब अधिकारियों ने संबंधित बैंक में जाकर जांच की, तो बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि न तो बैंक गारंटी उनके द्वारा जारी की गई है और न ही उस पर लगे लेटरहेड, हस्ताक्षर और स्टांप बैंक से संबंधित हैं। फर्जी बैंक गारंटी जमा किए जाने के मामले में कंपनी को 8 अप्रैल 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।