झारखंड के संजय ए. लाठकर को मिली केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, डीजी स्तर के लिए इम्पैनलमेंट मंजूर

झारखंड के संजय ए. लाठकर को मिली केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, डीजी स्तर के लिए इम्पैनलमेंट मंजूर

झारखंड के संजय ए. लाठकर को मिली केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी, डीजी स्तर के लिए इम्पैनलमेंट मंजूर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 13, 2026, 10:01:00 AM

झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय ए. लाठकर को केंद्र सरकार में उच्च पदों पर नियुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उन्हें महानिदेशक (डीजी) और उसके समकक्ष पदों पर नियुक्ति के लिए पात्र अधिकारियों की सूची में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा 12 जून को अधिसूचना जारी की गई।

संजय ए. लाठकर वर्ष 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनका चयन उन वरिष्ठ अधिकारियों में हुआ है जिन्हें भविष्य में केंद्र सरकार के शीर्ष सुरक्षा एवं प्रशासनिक पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। यह इम्पैनलमेंट किसी भी आईपीएस अधिकारी के करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, क्योंकि इसके बाद केंद्रीय स्तर पर नेतृत्वकारी भूमिकाओं के अवसर खुलते हैं।

केंद्र द्वारा जारी सूची में विभिन्न राज्यों और कैडरों के कुल 33 आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें अधिकांश अधिकारी 1995 बैच से संबंधित हैं। सूची में 30 अधिकारी इसी बैच के हैं, जबकि कुछ अधिकारी 1990, 1991 और 1994 बैच से भी शामिल किए गए हैं। झारखंड कैडर से संजय ए. लाठकर का चयन राज्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

इम्पैनलमेंट सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, ओडिशा, झारखंड तथा एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों को स्थान मिला है। वरिष्ठता के आधार पर सूची में ओडिशा कैडर के 1990 बैच के अधिकारी सुधांशु सारंगी और उत्तर प्रदेश कैडर के 1991 बैच के राजीव कृष्णा प्रमुख नामों में शामिल हैं। वहीं, एजीएमयूटी कैडर के 1994 बैच के अधिकारी आनंद मोहन को भी इस सूची में जगह दी गई है।

प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि डीजी स्तर के लिए इम्पैनलमेंट मिलने के बाद संजय ए. लाठकर के लिए केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव की पहचान है, बल्कि झारखंड कैडर के लिए भी एक सम्मानजनक उपलब्धि मानी जा रही है।