झारखंड हाईकोर्ट में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति समिति (TPC) से जुड़े आरोपी प्रमोद गंझू की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने एजेंसी को अगली निर्धारित तिथि से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजय कुमार तिवारी पैरवी कर रहे हैं।
प्रमोद गंझू को वर्ष 2023 में गिरफ्तार किया गया था और उस पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, वह टीपीसी का सक्रिय सदस्य रहा है और उस पर उगाही के लिए भय का माहौल बनाने, आगजनी जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
एनआईए ने अपनी जांच में यह भी दावा किया है कि गंझू के संबंध कुख्यात गैंगस्टर अमन साव से रहे हैं, जिसकी अब मृत्यु हो चुकी है। बताया जाता है कि अमन साव के आपराधिक नेटवर्क के शुरुआती दौर में गंझू की भूमिका अहम थी और उस समय कई कारोबारी उसके निशाने पर रहे थे।
अदालत अब एनआईए के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई करेगी, जिससे यह तय होगा कि आरोपी को राहत मिलती है या नहीं।