1984 सिख दंगा पीड़ितों के मुआवजे पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, एक सदस्यीय समिति का गठन

1984 सिख दंगा पीड़ितों के मुआवजे पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, एक सदस्यीय समिति का गठन

1984 सिख दंगा पीड़ितों के मुआवजे पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, एक सदस्यीय समिति का गठन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 30, 2026, 1:53:00 PM

वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिलाने और इससे जुड़े आपराधिक मामलों की निगरानी सुनिश्चित करने को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश एस.एम. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

अदालत ने पीड़ितों के दावों की जांच और मुआवजा प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति के गठन का आदेश दिया है। यह समिति सभी आवेदनों की सत्यता की पड़ताल करेगी और अपनी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तय की जाएगी।

इससे पहले इस कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व अध्यक्ष जस्टिस डी.पी. सिंह का 8 मार्च को निधन हो गया था, जिसके चलते नई समिति के गठन की आवश्यकता उत्पन्न हुई।

राज्य सरकार की ओर से अब तक 41 पीड़ितों को मुआवजा प्रदान किया जा चुका है। हालांकि, कई अन्य प्रभावित लोग भी मुआवजे की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा रहे हैं। ऐसे में नई समिति की रिपोर्ट इस पूरे मामले में आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

हाईकोर्ट की इस पहल को पीड़ितों के लिए राहत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लंबे समय से लंबित दावों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।