झारखंड में कफ सीरप की अनियंत्रित बिक्री पर हाई कोर्ट सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने पर रोक

झारखंड में कफ सीरप की अनियंत्रित बिक्री पर हाई कोर्ट सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने पर रोक

झारखंड में कफ सीरप की अनियंत्रित बिक्री पर हाई कोर्ट सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचने पर रोक
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Nov 26, 2025, 12:04:00 PM

झारखंड में कफ सीरप और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने आदेश दिया कि बिना डॉक्टर की सलाह-पर्ची के किसी भी कफ सीरप या नशीली दवा की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।

यह आदेश उस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया जिसमें खासकर स्कूली छात्रों के बीच खांसी की दवाओं के गलत इस्तेमाल को गंभीर समस्या बताया गया था। याचिकाकर्ता सुनील कुमार महतो ने कोर्ट को बताया कि राज्यभर में कफ सीरप आसानी से मिल रहा है, जिससे किशोरों और युवाओं में नशे की लत तेजी से फैल रही है।

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, ड्रग कंट्रोल विभाग और अन्य संबद्ध एजेंसियों को मेडिकल दुकानों व दवा वितरकों पर सख्त छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि दुकानों में रखी दवाओं का स्टॉक, सप्लाई रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की पूरी तरह जांच की जाए और अगर कहीं अनियमित बिक्री पाई जाए तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने तीन सप्ताह के भीतर पूरे अभियान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता के अनुरोध पर ड्रग कंट्रोलर को भी मामले में पक्षकार बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया।

याचिका में धनबाद में पकड़े गए भारी मात्रा में कफ सीरप के मामले का भी उल्लेख किया गया था, जिसकी जांच स्थानीय पुलिस और सीआईडी को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हाई कोर्ट ने इस पर भी चिंता जताई। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को तय की गई है।