राज्य के कई जिलों में तेज आंधी-ओलावृष्टि का यलो अलर्ट, 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

राज्य के कई जिलों में तेज आंधी-ओलावृष्टि का यलो अलर्ट, 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

राज्य के कई जिलों में तेज आंधी-ओलावृष्टि का यलो अलर्ट, 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 19, 2026, 11:58:00 AM

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विभाग ने 20 मार्च के लिए पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अनुमान है कि दोपहर के बाद कई इलाकों में तेज धूलभरी आंधी, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, राज्य के कई जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इस श्रेणी में रांची, धनबाद, दुमका, देवघर, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, कोडरमा, बोकारो, चतरा, रामगढ़ और हजारीबाग शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आंधी के साथ तेज गर्जना और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।

वहीं, खूंटी, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जैसे जिलों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। इन इलाकों में भी बादलों की गरज, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है।

मौसम का यह बदलाव अचानक नहीं आया है। 19 मार्च को भी राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में दोपहर बाद 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिनके साथ गर्जन दर्ज किया गया।

हालांकि, यह अस्थिर मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा। विभाग के मुताबिक 22 मार्च से आसमान साफ होने लगेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

तापमान की बात करें तो बुधवार को मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रांची में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री और न्यूनतम 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में सबसे अधिक 15 मिमी वर्षा हुई, जबकि रांची और गुमला में ओलावृष्टि दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और आवश्यक सावधानी बरतें, खासकर वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों में शरण लें।