पूर्व सैनिकों के कल्याण को लेकर झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, दो साल के लिये नई प्रबंधन समिति गठित

पूर्व सैनिकों के कल्याण को लेकर झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, दो साल के लिये नई प्रबंधन समिति गठित

पूर्व सैनिकों के कल्याण को लेकर झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, दो साल के लिये नई प्रबंधन समिति गठित
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 11, 2026, 10:32:00 AM

झारखंड सरकार ने राज्य के भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के पुनर्वास एवं कल्याण को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के तहत ‘समामेलित निधि’ की राज्य स्तरीय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया है, जो आगामी दो वर्षों तक कार्य करेगी।

नई व्यवस्था के अनुसार यह समिति 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों की निगरानी, संसाधनों का समुचित उपयोग और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। इसके लिए समिति में प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत स्तर के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है।

समिति की अध्यक्षता झारखंड के राज्यपाल करेंगे, जबकि मुख्य सचिव को प्रथम उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग के सचिव को द्वितीय उपाध्यक्ष और 23 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) को तृतीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राज्य सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा, रक्षा मंत्रालय के अवर सचिव के साथ-साथ सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल मनोज कुमार और ब्रिगेडियर अमरेंद्र नारायण को भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

समिति को और प्रभावी बनाने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर जोड़ा गया है। इनमें झारखंड सरकार के गृह विभाग तथा योजना-सह-वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव, रक्षा मंत्रालय के पुनर्वास महानिदेशक, केंद्रीय सैनिक बोर्ड के सचिव, पूर्वी कमान कोलकाता के पुनर्वास निदेशक और दानापुर स्थित झारखंड-बिहार सब एरिया के कमांडर शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इस पुनर्गठित समिति के माध्यम से पूर्व सैनिकों के हितों की बेहतर तरीके से रक्षा हो सकेगी और उनके पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।