झारखंड सरकार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए राजस्व संग्रहण पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया है। इस दिशा में वित्त विभाग ने सक्रिय रुख अपनाते हुए प्रमुख राजस्व जुटाने वाले विभागों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय कर दिए हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 को ध्यान में रखते हुए आठ अहम विभागों को राजस्व वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग की ओर से जारी निर्देशों में साफ कहा गया है कि अब केवल कागजी प्रक्रिया से काम नहीं चलेगा, बल्कि वास्तविक स्तर पर संग्रहण सुनिश्चित करना होगा।
वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें अपर मुख्य सचिव और प्रधान सचिव शामिल हैं, को सख्त हिदायत दी गई है कि विधानसभा द्वारा स्वीकृत बजट के अनुरूप राजस्व हासिल करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।
सरकार ने इन विभागों के लिए कुल 64,300 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे हासिल करना चुनौतीपूर्ण जरूर माना जा रहा है, लेकिन सरकार का मानना है कि सख्त निगरानी और बेहतर कार्यप्रणाली के जरिए इस लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है।