कोषागार में गड़बड़ियों पर झारखंड सरकार सख्त, वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता को लेकर दिए कड़े निर्देश

कोषागार में गड़बड़ियों पर झारखंड सरकार सख्त, वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता को लेकर दिए कड़े निर्देश

कोषागार में गड़बड़ियों पर झारखंड सरकार सख्त, वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता को लेकर दिए कड़े निर्देश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 29, 2026, 1:32:00 PM

झारखंड सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में कोषागार के जरिए वेतन भुगतान से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार की ओर से जारी निर्देश में सभी विभागों और उपायुक्तों को वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।

सरकार के पास पहुंची शिकायतों और प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कई कार्यालयों में वेतन मद के नाम पर सरकारी धन की अवैध निकासी की जा रही थी। कुछ मामलों में कर्मचारियों के विवरण में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशि निकाली गई और उसे निजी खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। इस तरह की गतिविधियों ने वित्तीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठ लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और बिल क्लर्क जैसे कर्मचारी, जो विगत तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही पद या कार्यालय में कार्यरत हैं, उनका तत्काल तबादला किया जाए। सरकार का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती से भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ती हैं।

इसके अलावा, संविदा या मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय लेन-देन से पूरी तरह अलग रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि सिस्टम में अनधिकृत हस्तक्षेप को रोका जा सके।

सरकार ने केवल दिशा-निर्देश जारी करने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि उनके अनुपालन को भी अनिवार्य बनाया है। सभी संबंधित विभागों को 30 मई तक इन निर्देशों के पालन की विस्तृत रिपोर्ट वित्त विभाग को सौंपनी होगी। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे पर कड़ी निगरानी रखने के मूड में है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।