झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाते हुए राज्यभर में एक साथ छापेमारी की। मुख्यालय के निर्देश पर गठित 119 विशेष टीमों ने विभिन्न जिलों में व्यापक जांच करते हुए कुल 7680 स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान अवैध रूप से बिजली उपयोग के कई मामलों का खुलासा हुआ।
अभियान के तहत 1082 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी का दोषी पाते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई और संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके अलावा दोषी उपभोक्ताओं पर कुल 2 करोड़ 74 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। निगम का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
निगम ने आम उपभोक्ताओं से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में बिजली चोरी की जानकारी हो, तो संबंधित व्यक्ति पूरी जानकारी के साथ मोबाइल नंबर 9431135515 पर सूचित कर सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
विभिन्न सर्किलों में दर्ज मामलों की बात करें तो हजारीबाग में सबसे अधिक 122 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जबकि साहेबगंज में 108 और रांची में 97 मामले सामने आए। इसके अलावा डालटनगंज में 96, चास में 77, देवघर में 72, गिरिडीह में 70, जमशेदपुर में 69, दुमका में 67 और चाईबासा में 63 मामले दर्ज किए गए। अन्य क्षेत्रों में गुमला में 53, धनबाद में 51, रामगढ़ में 54, गढ़वा में 42 और कोडरमा में 41 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
ऊर्जा निगम के इस सघन अभियान को राज्य में बिजली चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस तरह की संयुक्त छापेमारी जारी रखी जाएगी, जिससे राजस्व हानि पर अंकुश लगाया जा सके और ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो।