झारखंड कांग्रेस में नई प्रदेश कमेटी को लेकर घमासान, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उठाये सवाल

झारखंड कांग्रेस में नई प्रदेश कमेटी को लेकर घमासान, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उठाये सवाल

झारखंड कांग्रेस में नई प्रदेश कमेटी को लेकर घमासान, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने उठाये सवाल
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 07, 2026, 4:02:00 PM

झारखंड कांग्रेस की नवगठित प्रदेश कमेटी को लेकर पार्टी के भीतर असहमति खुलकर सामने आने लगी है। राज्य सरकार में वित्त मंत्री ने कमेटी की संरचना और उसके आकार पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए प्रदेश नेतृत्व को पत्र भेजा है। उनके मुताबिक, राज्य इकाई का विस्तार जरूरत से ज्यादा किया गया है, जिससे संगठनात्मक संतुलन और कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।

पत्र में उन्होंने विभिन्न राज्यों की कांग्रेस इकाइयों का उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे बड़े राज्यों में भी प्रदेश कमेटियों का आकार सीमित रखा गया है, जबकि झारखंड में सदस्यों की संख्या असामान्य रूप से अधिक दिखाई देती है। उनका तर्क है कि अत्यधिक बड़ी कमेटी न केवल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डालेगी, बल्कि संगठन की प्रभावशीलता पर भी असर डाल सकती है। यहां तक कि बैठकों के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यावहारिक चुनौतियां खड़ी होने की बात कही गई है।

नई कमेटी की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल भी तेज हो गया है। कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नियुक्तियों में संतुलन नहीं रखा गया और कुछ खास नेताओं के करीबी लोगों को प्राथमिकता दी गई। वहीं लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे कई कार्यकर्ताओं को अपेक्षित स्थान नहीं मिलने की शिकायत सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, बढ़ते विवाद और अंदरूनी नाराजगी को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। मामले को राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) के समक्ष रखे जाने की तैयारी है, जहां संगठनात्मक ढांचे और नियुक्तियों को लेकर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि समीक्षा के बाद कमेटी में बदलाव या पुनर्गठन को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है।

प्रदेश कमेटी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। एक पक्ष इसे संगठन को व्यापक बनाने की कोशिश बता रहा है, जबकि विरोधी गुट इसे आंतरिक खींचतान और शक्ति संतुलन की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व का रुख इस विवाद की दिशा तय करेगा।