झारखंड कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्तावों पर मुहर, ₹947 करोड़ के सिंचाई प्रोजेक्ट समेत कई योजनाओं को मिली हरी झंडी
झारखंड कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्तावों पर मुहर, ₹947 करोड़ के सिंचाई प्रोजेक्ट समेत कई योजनाओं को मिली हरी झंडी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में जनकल्याण, प्रशासनिक सुधार, आधारभूत संरचना, सिंचाई, खनन और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य राज्य के विकास कार्यों को गति देना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बैठक के सबसे प्रमुख निर्णयों में वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि में बड़ा इजाफा शामिल है। अब हाथी, भालू या अन्य जंगली जानवरों के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। पहले यह राशि 4 लाख रुपये थी। गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 2 लाख रुपये और सामान्य चोट लगने पर 35 हजार रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। साथ ही, तत्काल राहत के रूप में एक लाख रुपये उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है। राज्य के कई इलाकों में वन्यजीव-मानव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों के हित में भी कैबिनेट ने कई फैसले लिए। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपने एक माह के वेतन के बराबर अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे, जिसे 2 से 60 महीनों की अवधि में किस्तों के माध्यम से लौटाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के वेतनमान को समान बनाने की दिशा में भी निर्णय लिया गया है।
बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देते हुए मंत्रिपरिषद ने सड़क परियोजनाओं के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। वहीं, पलामू जिले की महत्वपूर्ण अमानत बैराज सिंचाई योजना की संशोधित लागत को मंजूरी देते हुए 947 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। सरकार का मानना है कि इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
खनन और औद्योगिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बोकारो जिले के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड को खनन पट्टा देने की अनुमति दी गई, जबकि गोड्डा जिले के जितपुर कोल ब्लॉक के लिए केरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को माइनिंग लीज स्वीकृत की गई। इन परियोजनाओं से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से JharNet 2.0 परियोजना की अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से मोटर वाहन निरीक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने गोड्डा और बोकारो समाहरणालयों में लंबे समय से अनियमित रूप से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की। वहीं, रोहितस्य रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई।
राज्य सरकार का कहना है कि मंत्रिपरिषद के ये निर्णय प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और आम लोगों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।