झारखंड सरकार ने राज्य के दुर्गम और वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिम जनजातीय समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए बड़ी पहल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मोबाइल ग्राम क्लीनिक योजना के संचालन हेतु 6 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है। इस योजना से करीब 75 हजार परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य के कई पहाड़ी और जंगल से घिरे इलाकों में रहने वाले आदिम जनजाति परिवार आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से दूर हैं। सड़क संपर्क और परिवहन की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 120 मोबाइल चिकित्सा टीमों को मैदान में उतारने का फैसला किया है। ये टीमें गांव-गांव जाकर लोगों का इलाज और स्वास्थ्य जांच करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य को कालाजार मुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से संथाल परगना क्षेत्र के चार जिलों; दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज के 74 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया है। मोबाइल क्लीनिक के माध्यम से इन क्षेत्रों में रोग की पहचान, जांच और उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार, पाकुड़ जिले के 30 गांव इस अभियान में शामिल किए गए हैं, जबकि गोड्डा के 19, दुमका के 13 और साहेबगंज के 12 गांवों को भी विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है।
चलंत क्लीनिकों के जरिए ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें सामान्य बीमारियों की जांच और दवा वितरण के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं भी शामिल होंगी। गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद महिलाओं की नियमित जांच की जाएगी।
इसके अलावा एनीमिया, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी। टीबी की जांच के लिए बलगम नमूने लिए जाएंगे, जबकि मलेरिया और कालाजार की पहचान के लिए रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। परिवार नियोजन से जुड़ी सलाह और गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता भी इस अभियान का हिस्सा होगी।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से अनुबंध पर आयुष चिकित्सकों और चिकित्सा सहायकों की नियुक्ति की जाएगी। इन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम तैयार किया जाएगा, जिसके तहत वे सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चयनित गांवों में मौजूद रहेंगे और लोगों को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराएंगे।