झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित आठवीं बोर्ड परीक्षा 2026 के आंतरिक मूल्यांकन अंक अपलोड करने की प्रक्रिया में आई बाधाओं को लेकर सियासी प्रतिक्रिया सामने आई है। जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी ने इस पूरे प्रकरण पर चिंता जताते हुए इसे छात्रों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन के साथ अनुचित व्यवहार बताया है।
तिवारी ने कहा कि राज्य के स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ कई प्रशासनिक जिम्मेदारियों का दबाव बना हुआ है। ऐसे में समय-सीमा के भीतर हर कार्य को पूरा करना हमेशा संभव नहीं हो पाता। उन्होंने इस स्थिति को केवल संस्थानों की लापरवाही करार देना उचित नहीं बताया।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर सवाल उठाया कि निर्धारित समय से पहले ही जैक की ऑनलाइन प्रणाली बंद हो गई, जो विभागीय स्तर पर समन्वय और प्रबंधन की कमी को दर्शाता है। उनके अनुसार, इस तरह की तकनीकी या प्रशासनिक चूक का असर सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर काम कर रहे शिक्षकों और विद्यार्थियों पर डालना गलत है।
तिवारी ने यह भी कहा कि पूरे वर्ष मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के लिए आंतरिक मूल्यांकन अंक अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इन्हें अपलोड न किए जाने के कारण परिणाम प्रभावित होता है, तो यह छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
उन्होंने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग और जैक से अपील की कि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक रुख अपनाया जाए। साथ ही, आंतरिक मूल्यांकन अंक जमा करने के लिए कम से कम एक सप्ताह का अतिरिक्त समय तत्काल प्रदान किया जाए, ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न उठाना पड़े।