झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम (JBVNL) सर्टिफिकेट विवाद में जटिल स्थिति में है। राज्यभर में कुल 42,698 सर्टिफिकेट केस दर्ज हैं, जिनमें निगम की करीब 488.94 करोड़ रुपए की राशि अटकी हुई है। सबसे अधिक घाटशिला डिविजन में 203.07 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं, जबकि रांची के डोरंडा डिविजन में 91.36 करोड़ रुपए अटके हैं।
राज्य के कुल 41 डिवीजनों में ये मामले फैलें हैं। इनमें 17 डिवीजनों में एक से दो हजार के बीच सर्टिफिकेट केस दर्ज हैं। इनमें धनबाद, झरिया, निरसा, देवघर, मधुपुर, हजारीबाग, चाईबासा, सरायकेला, जमशेदपुर, घाटशिला, मानगो, रांची वेस्ट, डोरंडा, न्यू कैपिटल, कोकर, रांची ईस्ट और रांची सेंट्रल शामिल हैं।
मुख्य डिवीजनों की स्थिति इस प्रकार है:
| डिविजन | सर्टिफिकेट केस | फंसी राशि (लाख रु) |
|---|---|---|
| चास | 586 | 757 |
| तेनुघाट | 381 | 207 |
| धनबाद | 1865 | 435 |
| झरिया | 1342 | 568 |
| निरसा | 1622 | 680 |
| दुमका | 527 | 113 |
| जामताड़ा | 147 | 45 |
| पाकुड़ | 09 | 01 |
| साहेबगंज | 272 | 96 |
| देवघर | 2021 | 581 |
| गोड्डा | 545 | 155 |
| मधुपुर | 2343 | 567 |
| गिरिडीह साउथ | 399 | 109 |
| गिरिडीह नॉर्थ | 81 | 272 |
| बरही | 83 | 37 |
| चतरा | 28 | 13 |
| हजारीबाग | 1639 | 1235 |
| कोडरमा | 118 | 574 |
| कुजू | 661 | 3868 |
| रामगढ़ | 799 | 1917 |
| चाईबासा | 2723 | 823 |
| चक्रधरपुर | 612 | 141 |
| सरायकेला | 1081 | 362 |
| आदित्यपुर | 461 | 902 |
| जमशेदपुर | 1375 | 679 |
| घाटशिला | 2484 | 20307 |
| मानगो | 1775 | 795 |
| छत्तरपुर | 29 | 98 |
| डालटनगंज | 225 | 157 |
| लातेहार | 80 | 74 |
| गढ़वा वन | 123 | 39 |
| गढ़वा टू | 150 | 17 |
| लोहरदगा | 43 | 23 |
| सिमडेगा | 04 | 01 |
| रांची वेस्ट | 5658 | 928 |
| डोरंडा | 1651 | 9136 |
| न्यू-कैपिटल रांची | 2650 | 479 |
| खूंटी | 06 | 02 |
| कोकर | 1535 | 484 |
| रांची ईस्ट | 2058 | 408 |
| रांची सेंट्रल | 2447 | 770 |
विशेषज्ञों के अनुसार, इन सर्टिफिकेट मामलों के लंबित रहने से निगम की वित्तीय स्थिरता प्रभावित हो रही है। घाटशिला, डोरंडा और कुजू डिवीजनों में अटकी बड़ी राशि निगम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।