झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने दिसंबर 2025 में राजस्व संग्रह के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पहली बार निगम को किसी एक महीने में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर माह में निगम को कुल 511 करोड़ 59 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
यह राशि नवंबर महीने की तुलना में 107.59 करोड़ रुपये अधिक है। नवंबर 2025 में वितरण निगम को करीब 404 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। एक महीने के भीतर राजस्व में हुई इस उल्लेखनीय बढ़ोतरी को निगम की सक्रिय रणनीति का नतीजा माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि बीते चार महीनों से राज्य में ऊर्जा सचिव और वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) का पद रिक्त है। इसके बावजूद, राज्य सरकार के निर्देशों के तहत निगम अपने तय कार्यक्रमों और लक्ष्यों पर लगातार काम कर रहा है।
वितरण निगम ने राजस्व बढ़ाने के लिए पूरी तरह बिलिंग सुनिश्चित करने पर खास जोर दिया है। इसके तहत बिलिंग एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि बिजली उपभोक्ताओं को समय पर और नियमित रूप से बिल उपलब्ध कराया जाए।
अधिकारियों का मानना है कि सख्त निगरानी, बेहतर बिलिंग व्यवस्था और वसूली पर बढ़े फोकस के कारण आने वाले महीनों में भी राजस्व में सकारात्मक रुझान बना रह सकता है।