जल्द बदलेगी रांची की तस्वीर! 6 लेन स्मार्ट कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू
जल्द बदलेगी रांची की तस्वीर! 6 लेन स्मार्ट कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू
रांची के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने की दिशा में लंबे समय से प्रस्तावित स्मार्ट कॉरिडोर परियोजना अब अमल के करीब पहुंच गई है। स्टेट हाईवे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (SHAJ) ने लगभग 177 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का उद्देश्य सितंबर 2026 तक ठेकेदार का चयन कर इसी साल निर्माण कार्य प्रारंभ करना है।
इस परियोजना के क्रियान्वयन में अब तक सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण और सड़क के रूट निर्धारण से जुड़ी तकनीकी समस्याएं थीं। हटिया ग्रिड और नयासराय रेलवे ओवरब्रिज के कारण मूल डिजाइन में संशोधन करना पड़ा। अधिकारियों ने आवश्यक तकनीकी बदलाव कर इन अड़चनों को दूर कर लिया है, जिससे योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
परियोजना के तहत विवेकानंद स्कूल मोड़ से जगन्नाथ मंदिर, झारखंड हाईकोर्ट और नयासराय रेलवे ओवरब्रिज तक करीब 6.09 किलोमीटर लंबा छह लेन का आधुनिक कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस सड़क के दोनों ओर सर्विस लेन, साइकिल चालकों के लिए अलग ट्रैक तथा पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे, ताकि विभिन्न प्रकार के यातायात को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।
इसके अलावा नयासराय रेलवे ओवरब्रिज से न्यायालय होते हुए रिंग रोड तक लगभग 2.12 किलोमीटर सड़क का विस्तार किया जाएगा। इस हिस्से में दो लेन सड़क के साथ पक्का शोल्डर तैयार किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सकेगी।
सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित न रहकर इस कॉरिडोर को आधुनिक शहरी सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा। पूरे मार्ग पर सौर ऊर्जा से संचालित स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएंगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सड़क के बीच और किनारों पर व्यापक पौधारोपण तथा सजावटी पौधों की व्यवस्था होगी। साथ ही लोगों के आराम और सामाजिक उपयोग के लिए सार्वजनिक बैठने के स्थान भी विकसित किए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना न केवल शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि रांची को एक आधुनिक और आकर्षक शहरी कॉरिडोर भी उपलब्ध कराएगी।