24 घंटे में सुलझा जगन्नाथपुर मंदिर ह*त्याकांड, पहचान छुपाने के लिए हुई थी गार्ड की हत्या

24 घंटे में सुलझा जगन्नाथपुर मंदिर ह*त्याकांड, पहचान छुपाने के लिए हुई थी गार्ड की हत्या

24 घंटे में सुलझा जगन्नाथपुर मंदिर ह*त्याकांड, पहचान छुपाने के लिए हुई थी गार्ड की हत्या
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 25, 2026, 4:36:00 PM

रांची पुलिस ने राजधानी के प्रतिष्ठित जगन्नाथपुर मंदिर में हुई हत्या और लूट की वारदात का तेज़ी से खुलासा करते हुए महज एक दिन के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई नकदी और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए हैं। इस पूरे अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी पारस राणा ने किया, जो एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित विशेष टीम का हिस्सा थे।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देव कुमार, विकास महली और आयुष कुमार के रूप में हुई है। तीनों रांची के जगन्नाथपुर इलाके की न्यू कॉलोनी के निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी मंदिर के पास की बस्ती में रहते हैं और इलाके से भली-भांति परिचित थे।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मंदिर में चोरी करने के इरादे से घुसे थे, लेकिन वहां तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा ने उन्हें पहचान लिया। अपनी पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने गार्ड की हत्या कर दी और इसके बाद मंदिर की दान पेटी को तोड़कर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी की रकम का कुछ हिस्सा उन्होंने नए कपड़े खरीदने में खर्च किया।

यह घटना 24 अप्रैल की रात की है, जब अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में घुसकर गार्ड की बेरहमी से हत्या कर दी थी और दान पेटी से बड़ी राशि लूट ली थी। इस संबंध में धुर्वा थाना में मामला दर्ज किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष जांच टीम बनाई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। आखिरकार पुलिस ने स्थानीय बस्ती में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्होंने पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया है। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।