IPS अधिकारियों के पे-फिक्सेशन पर सरकार का यू-टर्न! जानिए पूरा मामला
IPS अधिकारियों के पे-फिक्सेशन पर सरकार का यू-टर्न! जानिए पूरा मामला
केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों को वेतन निर्धारण (Pay Fixation) से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में झारखंड सहित सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी करते हुए बताया है कि पात्र IPS अधिकारियों को पे-फिक्सेशन के लिए अपना विकल्प चुनने या पहले से दिए गए विकल्प में संशोधन करने का एक अंतिम अवसर दिया जा रहा है।
यह निर्णय IPS (Pay) Amendment Rules, 2023 के नियम 5 के उप-नियम (9) के प्रावधानों में विशेष छूट देते हुए लिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि लंबे समय से बड़ी संख्या में अधिकारियों की ओर से ऐसे आवेदन प्राप्त हो रहे थे, जिनमें समय-सीमा के भीतर विकल्प नहीं चुन पाने के कारण राहत की मांग की गई थी। कई अधिकारियों ने देरी को माफ करते हुए दोबारा विकल्प देने या पहले से चुने गए विकल्प में बदलाव की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
इन अनुरोधों पर गृह मंत्रालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoP&T) से विस्तृत विचार-विमर्श किया। विभाग की सहमति मिलने के बाद अधिकारियों को एक अतिरिक्त अवसर देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत संबंधित IPS अधिकारियों को पे-फिक्सेशन से जुड़ा विकल्प चुनने अथवा उसमें संशोधन करने के लिए तीन महीने की निर्धारित अवधि उपलब्ध कराई जाएगी।
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल एक बार और सीमित अवधि के लिए दी जा रही है। निर्धारित तीन महीने की समय-सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी अधिकारी के आवेदन पर न तो अतिरिक्त समय दिया जाएगा और न ही नियमों में किसी प्रकार की और छूट प्रदान की जाएगी।
मंत्रालय के इस फैसले से उन IPS अधिकारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पूर्व निर्धारित समय के भीतर आवश्यक विकल्प दर्ज नहीं करा सके थे या अब उसमें बदलाव करना चाहते हैं। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह अंतिम अवसर होगा और इसके बाद नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।