आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और जाने-माने उद्योगपति देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी के अपहरण के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार दोपहर से लापता कैरव का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है, जिसके चलते झारखंड पुलिस ने जांच का दायरा राज्य से बाहर तक फैला दिया है।
कैरव की बरामदगी के लिए जमशेदपुर और सरायकेला की संयुक्त पुलिस टीमें रांची, हजारीबाग, कोडरमा और धनबाद सहित गुजरात, राजस्थान और बिहार के पटना, हाजीपुर व मुजफ्फरपुर में लगातार छापेमारी कर रही हैं। जांच के दौरान इस अपहरण के तार बिहार से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विशेष रूप से हाजीपुर और लालगंज के अपराधी गिरोह की भूमिका को लेकर पुलिस को अहम इनपुट मिले हैं।
इसी कड़ी में स्थानीय सूचना के आधार पर गठित एसआईटी ने गुरुवार को जेम्को इलाके से खट्टा बब्लू नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। पुलिस का मानना है कि उसका संबंध संदिग्ध गिरोह से हो सकता है। इसके साथ ही जांच एजेंसियां दुबई में छिपे बताए जा रहे धनबाद के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान गिरोह की गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपहरण के बाद कैरव के परिजनों से इंडोनेशिया के एक मोबाइल नंबर से पांच करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि बदमाशों ने पुलिस का बोर्ड लगी स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर कोडरमा की एक बोलेरो से जुड़ा पाया गया है, जिसके मालिक से पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि कैरव अक्सर अपने घर से करीब आधा किलोमीटर दूर डीएमओ कार्यालय के पास एक चाय दुकान पर दोस्तों के साथ समय बिताते थे। आशंका है कि अपहरणकर्ताओं ने पहले इस स्थान और घर से फैक्ट्री जाने वाले रास्ते की रेकी की और फिर कदमा–सोनारी लिंक रोड को घटना स्थल के रूप में चुना।
कोल्हान प्रक्षेत्र के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया कि सरायकेला और पूर्वी सिंहभूम जिलों की संयुक्त एसआईटी गठित की गई है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस सनसनीखेज अपहरण का खुलासा किया जाएगा।