चास नगर निगम के मेयर पद पर भोलू पासवान ने एक बार फिर अपनी पकड़ साबित कर दी है। इस बार वे किसी दल के बैनर तले नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे और भाजपा, कांग्रेस तथा झामुमो समर्थित उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। उनकी सफलता को शहर में किए गए पूर्व विकास कार्यों पर जनता की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है।
भोलू पासवान इससे पहले वर्ष 2015 से 2020 तक मेयर रहे थे। अपने पिछले कार्यकाल में उन्होंने चास को स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में नगर निगम को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता पुरस्कार मिला, जिससे चास का नाम राज्य की सीमाओं से निकलकर देशभर में चर्चित हुआ।
स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था को मजबूत करना, बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाना और विभिन्न विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है। शहरवासियों का मानना है कि इन्हीं कार्यों के आधार पर मतदाताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और नगर निगम की कमान दोबारा सौंप दी।
चास में इस परिणाम को विकास बनाम राजनीति की बहस के बीच जनता के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जहां मतदाताओं ने पार्टी से ऊपर उठकर उम्मीदवार के काम को प्राथमिकता दी।