गिरिडीह जिले के राजधनवार थाना अंतर्गत सिरसाय नकटीटांड़ गांव से सामने आई एक बर्बर हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 30 वर्षीय कमलेश सिंह की लाठी-डंडों से पीटकर की गई हत्या का वीडियो घटना के पांच दिन बाद सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद जिले में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार यह वीडियो 17 दिसंबर का बताया जा रहा है। वायरल फुटेज में साफ नजर आता है कि कमलेश सिंह अपनी जान बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन हमलावरों ने उस पर कोई रहम नहीं दिखाया। वीडियो में दिखता है कि पहले एक युवक ने लोहे की रॉड से उसके पैर पर वार किया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद एक बुजुर्ग व्यक्ति ने लात मारकर हमला किया और फिर पांच अन्य युवकों ने लाठियों से बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मारपीट के दौरान कई लाठियां टूट गईं, फिर भी हमला नहीं रुका। अंत में कमलेश सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस हृदयविदारक घटना के पीछे जमीन विवाद को कारण बताया जा रहा है। सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि घटना के वक्त मौके पर मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे। किसी ने भी युवक को बचाने की कोशिश नहीं की, बल्कि कई लोग मोबाइल से वीडियो और तस्वीरें बनाते नजर आए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जब तक गांव पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। धनवार थाना पुलिस ने मामले में माले नेता किशोरी अग्रवाल समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, हालांकि अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है।
सोमवार को वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ा और सक्रियता दिखाई गई। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम में धनवार, हीरोडीह, परसन और घोड़थंबा थानों की पुलिस के साथ-साथ गिरिडीह टेक्निकल सेल को भी शामिल किया गया है।
एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वायरल वीडियो के आधार पर हत्या में शामिल सभी लोगों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।