राजधानी रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों के भंडारण और कथित कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस मामले में हेहल अंचल अधिकारी (सीओ) घनश्याम कुमार राम की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने अल्कापुरी, रातू रोड निवासी अनिल कुमार जायसवाल और उनके पुत्र उत्कर्ष कुमार जायसवाल को आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत एक डिजिटल सूचना से हुई। 19 मार्च की सुबह अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) द्वारा व्हाट्सऐप के जरिए एक लोकेशन साझा की गई, जिसके आधार पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। निर्देश के बाद सीओ सहित अन्य अधिकारी अल्कापुरी स्थित एक प्रतिष्ठान पर पहुंचे, जहां पहले से ही अनुमंडल पदाधिकारी सशांत कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
स्थल की जांच के दौरान बड़ी संख्या में घरेलू उपयोग के एलपीजी सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें एचपी, इंडेन और भारत गैस कंपनियों के सिलेंडर शामिल थे, साथ ही विभिन्न क्षमता के छोटे सिलेंडर भी पाए गए। इसके अलावा रेगुलेटर और पाइप जैसे उपकरण भी मौके से जब्त किए गए, जिससे अवैध गतिविधि की आशंका और गहराई।
मौके पर मौजूद आरोपियों से जब इन सिलेंडरों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, तो वे कोई संतोषजनक प्रमाण नहीं दे सके। पूछताछ के दौरान भी उनकी ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया। अधिकारियों का कहना है कि बिना वैध अनुमति के एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण और व्यापार कानूनन अपराध है, बावजूद इसके इस तरह की गतिविधि संचालित की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान सभी बरामद सिलेंडरों को विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जा रही है।