IIT ISM धनबाद में III-2026 कॉन्क्लेव, जुटेंगे दुनियाभर के वैज्ञानिक, चंद्रयान-3 की टीम से संवाद का मिलेगा मौका

IIT ISM धनबाद में III-2026 कॉन्क्लेव, जुटेंगे दुनियाभर के वैज्ञानिक, चंद्रयान-3 की टीम से संवाद का मिलेगा मौका

IIT ISM धनबाद में III-2026 कॉन्क्लेव, जुटेंगे दुनियाभर के वैज्ञानिक, चंद्रयान-3 की टीम से संवाद का मिलेगा मौका
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 13, 2026, 3:41:00 PM

धनबाद के आईआईटी आईएसएम परिसर में 6 से 8 फरवरी 2026 तक इंडस्ट्रीज इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन (III-2026) कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में आईआईटी आईएसएम, विज्ञान भारती, सीएसआईआर-केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) और TEXMiN सहयोगी संस्थाओं के रूप में शामिल हैं। इस वर्ष की थीम है – ‘स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी: आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी’।

खनन और ऊर्जा में नई तकनीकों को बढ़ावा

III-2026 का उद्देश्य खनन और ऊर्जा क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी नवाचारों और टिकाऊ समाधानों को बढ़ावा देना है। इस मंच पर ग्रीन माइनिंग टेक्नोलॉजी, स्मार्ट माइनिंग सिस्टम, सस्टेनेबल माइनिंग मैनेजमेंट और क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को जोड़कर ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करेगा।

कार्यक्रम में माइनिंग 5.0 जैसे उभरते कॉन्सेप्ट पर विशेष फोकस रहेगा, जिसमें डिजिटलाइजेशन, सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबिलिटी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ऑटोनॉमस माइनिंग सिस्टम, ऊर्जा दक्ष तकनीक, वेस्ट मिनिमाइजेशन और रिसाइक्लिंग जैसी पहलुओं पर भी विचार-विमर्श होगा।

क्रिटिकल मिनरल्स पर विशेष जोर

आईआईटी आईएसएम के निदेशक सुकुमार मिश्रा ने बताया कि III-2026 में क्रिटिकल मिनरल्स (CRM) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ये मिनरल्स – लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, टाइटेनियम और रेयर अर्थ एलिमेंट्स – इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्ट, रक्षा और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद आवश्यक हैं। सीमित उत्पादन और कुछ क्षेत्रों में केंद्रीकरण के कारण इनकी सप्लाई चेन में जोखिम बना रहता है। 

सिंफर के निदेशक डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि यह कार्यक्रम विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण से भी मेल खाता है। कॉन्क्लेव में यह स्पष्ट किया जाएगा कि माइनिंग सेक्टर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यह पावर प्लांट, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल और अन्य रिन्यूएबल ऊर्जा उपकरणों के लिए आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध कराता है।

छात्रों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय अनुभव

विज्ञान भारती के डॉ. एनपी शुक्ला ने कहा कि विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्र इस आयोजन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकेंगे। खासतौर पर, छात्रों को चंद्रयान-3 के नेतृत्वकर्ता एस. सोमनाथ से मिलने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर भी उपलब्ध कराया जाएगा। 

III-2026 का मुख्य लक्ष्य है देश में क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना। साथ ही, माइनिंग और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार आधारित टिकाऊ विकास को प्रोत्साहित करना इस कार्यक्रम की अहम प्राथमिकताओं में शामिल है।