झारखंड में भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में जारी प्रदेश पदाधिकारियों की सूची को लेकर चंद्रवंशी समाज में असंतोष उभरकर सामने आया है। चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रवींद्र वर्मा ने पार्टी पर समाज की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
रवींद्र वर्मा ने कहा कि राज्य में चंद्रवंशी समाज की संख्या काफी बड़ी है और लगभग 25 जिलों में चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की स्थिति में है। उनका दावा है कि अब तक समाज का बड़ा हिस्सा भाजपा के पक्ष में मतदान करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद संगठन में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों की नई सूची में एक भी चंद्रवंशी नेता को जगह न मिलने को बेहद निराशाजनक बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में कई ऐसे चंद्रवंशी नेता हैं, जो लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया गया है। इस स्थिति को लेकर समाज के भीतर नाराजगी बढ़ रही है और इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी मुद्दे पर विचार करने के लिए झारखंड प्रदेश चंद्रवंशी महासभा की एक बड़ी बैठक जल्द ही रांची में आयोजित की जाएगी। वर्मा के अनुसार, इस बैठक में आगे की रणनीति और संभावित कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
उन्होंने केवल चंद्रवंशी समाज ही नहीं, बल्कि अन्य जातियों से जुड़े उन कार्यकर्ताओं की भी अनदेखी का मुद्दा उठाया, जो वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित रहे हैं। वर्मा ने आरोप लगाया कि जिला स्तर पर संगठन के गठन में भी निष्पक्षता का अभाव है और कई स्थानों पर ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है, जिनकी जमीनी सक्रियता संदिग्ध है।
अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पार्टी ने कार्यकर्ताओं और विभिन्न समाजों की भावनाओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।