केंद्र सरकार ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए वार्षिक कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। गृह मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों की परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) दाखिल करने और उसके मूल्यांकन की समयसीमा आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में झारखंड सरकार को आधिकारिक सूचना भेजी गई है।
मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि यह फैसला कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों और मूल्यांकन से जुड़े वरिष्ठ प्राधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने तथा उसकी समीक्षा के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का कहना है कि समय सीमा में यह विस्तार प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। साथ ही, अधिकारियों के कार्य मूल्यांकन में सटीकता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि रिपोर्टिंग प्रक्रिया जल्दबाजी के बजाय उचित समीक्षा के साथ पूरी हो सके।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब अधिकारी 30 जून तक अपना स्व-मूल्यांकन प्रस्तुत कर सकेंगे, जबकि इसकी प्रक्रिया 31 मई से शुरू होगी। इसके बाद रिपोर्टिंग अथॉरिटी को 31 अगस्त तक मूल्यांकन पूरा करने का समय दिया गया है।
इसी तरह रिव्यूइंग अथॉरिटी के लिए नई अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तय की गई है। अंतिम चरण में एक्सेप्टिंग अथॉरिटी को 31 दिसंबर तक पूरी प्रक्रिया समाप्त करनी होगी।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव से अधिकारियों को अपनी उपलब्धियों और कार्यों का विस्तृत एवं संतुलित विवरण प्रस्तुत करने में सहूलियत मिलेगी, वहीं मूल्यांकन प्रक्रिया में गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।