राज्य सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए हजारों आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी कर दी है। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से 17 फरवरी को अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना पर वित्त विभाग के अवर सचिव विजय नारायण सिंह के हस्ताक्षर हैं। सरकार के इस फैसले से लगभग 35 तरह के आउटसोर्स पदों पर काम कर रहे कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मानदेय बढ़ोतरी की सूची में मल्टी टास्किंग स्टाफ, ड्राइवर, कुक, इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, ऑफिस असिस्टेंट और असिस्टेंट समेत कई अन्य पद शामिल हैं। सरकार ने सिर्फ वेतन बढ़ाने का ही फैसला नहीं किया है, बल्कि आउटसोर्स कंपनियों के कमीशन की राशि भी स्पष्ट रूप से निर्धारित कर दी है। इसके साथ ही हर पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और अनुभव भी तय कर दिया गया है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
आंकड़ों के मुताबिक आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में प्रति माह लगभग चार हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये से अधिक तक की वृद्धि की गई है। उदाहरण के तौर पर, कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत कर्मी को अब प्रति माह 21,951 रुपये कैश इन हैंड मिलेंगे।
सरकार द्वारा तय की गई कुल राशि में इंश्योरेंस, पीएफ, जीएसटी और कंपनी के कमीशन को अलग-अलग मद में स्पष्ट किया गया है। इससे विभागों और कार्यालयों को यह साफ रहेगा कि आउटसोर्स कंपनी को किस मद में कितनी राशि का भुगतान किया जा रहा है। सरकार का यह कदम आउटसोर्स कर्मियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।