झारखंड में विभिन्न जिलों में वेतन भुगतान से जुड़े बड़े वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद होमगार्ड विभाग ने अपनी प्रक्रियाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से विभाग के महानिदेशक (डीजी) ने कर्तव्य भत्ते के भुगतान की व्यवस्था में व्यापक बदलाव के निर्देश जारी किए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक गृह रक्षक को भत्ता प्राप्त करने से पहले निर्धारित प्रारूप में अपनी जानकारी का सत्यापन कराना होगा। इसके लिए सभी जिला समादेष्टाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी होमगार्ड जवानों से जरूरी दस्तावेजों के साथ यह प्रक्रिया पूरी कराएं। मुख्यालय ने इसे अनिवार्य बताते हुए समयबद्ध तरीके से लागू करने को कहा है।
विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सत्यापन की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो, ताकि जवानों को मिलने वाले भत्ते के भुगतान में व्यवधान उत्पन्न न हो। इस कदम का मकसद भुगतान प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सत्यापन के दौरान जवानों को अपनी पहचान और सेवा से जुड़ी कई अहम जानकारियां देनी होंगी। इसमें भुगतान पहचान संख्या, नाम और सैन्य संख्या, बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नामांकन एवं पुनर्नामांकन की तारीख, आधार और पैन नंबर, साथ ही बैंक खाता विवरण और आईएफएससी कोड शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, आवश्यक दस्तावेजों के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की प्रति या रद्द चेक जमा करना भी अनिवार्य किया गया है। विभाग का मानना है कि इन सख्त उपायों से भत्ता वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।