जनजातीय स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम, झारखंड में पेसा नियमावली को मिली मंजूरी

जनजातीय स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम, झारखंड में पेसा नियमावली को मिली मंजूरी

जनजातीय स्वशासन की दिशा में ऐतिहासिक कदम, झारखंड में पेसा नियमावली को मिली मंजूरी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 24, 2025, 10:08:00 AM

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड कैबिनेट द्वारा पेसा (PESA) कानून की नियमावली को स्वीकृति दिए जाने को जनजातीय स्वशासन की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। इस फैसले के बाद राजेश ठाकुर ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और इसे दशकों पुराने सपने के साकार होने की संज्ञा दी।

राजेश ठाकुर ने कहा कि लगभग 29 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और दिशोम गुरु शिबू सोरेन द्वारा परिकल्पित आदिवासी स्वशासन की अवधारणा को वास्तविक स्वरूप मिला है। उन्होंने बताया कि पेसा नियमावली को तैयार करने से पहले व्यापक जनसंवाद और संबंधित विभागों के गहन अध्ययन को प्राथमिकता दी गई, ताकि यह कानून केवल दस्तावेज़ों तक सीमित न रह जाए, बल्कि ग्राम सभाओं को वास्तविक अधिकार प्रदान कर सके।

उनके अनुसार, यह निर्णय अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन को प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। झारखंड के 25वें स्थापना वर्ष में लिया गया यह कदम राज्य के लोकतांत्रिक विकास में एक अहम अध्याय जोड़ता है।

राजेश ठाकुर ने पेसा कानून के निर्माण में स्वर्गीय बंदी उरांव के योगदान को भी विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व आईपीएस अधिकारी, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और सिसई विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रहे बंदी उरांव ने प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति को चुना और पेसा कानून को आकार देने में दूरदर्शिता और समर्पण के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेसा किसी वर्ग को विभाजित करने का नहीं, बल्कि ग्राम सभा को सशक्त बनाकर सहभागी लोकतंत्र को मजबूत करने का कानून है। ग्राम सभाओं द्वारा लिए गए सामूहिक निर्णयों का सम्मान करना हर सरकार की जिम्मेदारी होगी।

इस अवसर पर झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान और वरिष्ठ नेता शशि भूषण राय ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह दिन झारखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह तथा पूरी कैबिनेट इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए बधाई की पात्र है।