रांची सिविल कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज की गई शिकायत वाद के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) के संज्ञान को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। न्यायालय ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 15 जनवरी 2026 निर्धारित की।
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में हुई। मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता प्रदीप चंद्रा, दीपांकर रॉय और श्रेय मिश्रा ने बहस में हिस्सा लिया।
अधिकारियों के अनुसार, यह याचिका मुख्य रूप से CJM द्वारा मामले में लिए गए संज्ञान की वैधता पर केंद्रित है, और अगले सत्र में प्रस्तुत दस्तावेज इस संबंध में निर्णायक साबित हो सकते हैं।