अधिवक्ता मनोज टंडन की जब्त की गई कार को लेकर शुक्रवार दोपहर झारखंड हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की एकलपीठ ने संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि वाहन को आज ही शाम 4:30 बजे तक रिलीज किया जाए।
करीब 2:15 बजे शुरू हुई सुनवाई के दौरान रांची के एसपी और डोरंडा थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद अदालत में उपस्थित हुए। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि 26 फरवरी के अपने पूर्व आदेश के संबंध में राज्य सरकार द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में तात्कालिक उल्लेख (अर्जेंट मेंशन) स्वीकार नहीं किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से अदालत से समय देने का अनुरोध किया गया। सरकार ने शीर्ष अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिनों की मोहलत मांगी, साथ ही जांच पूरी करने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय भी चाहा।
हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि यदि निर्धारित समय सीमा तक वाहन को नहीं छोड़ा गया, तो अदालत इस मामले में शनिवार को भी विशेष रूप से बैठकर सुनवाई कर सकती है। अदालत की इस टिप्पणी से मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है।