पेसा कानून के तहत नियमावली अब तक लागू नहीं किए जाने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार स्वयं अदालत के समक्ष उपस्थित हुए और न्यायालय को अवगत कराया कि पेसा से जुड़ी नियमावली को उसी दिन राज्य कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाना प्रस्तावित है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की गई। कोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तिथि 13 जनवरी निर्धारित कर दी है।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में बालू घाटों की नीलामी के बाद उनके आवंटन पर लगाई गई रोक अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। यह अवमानना याचिका आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दाखिल की गई है।
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत में पक्ष रखते हुए सरकार द्वारा अब तक नियमावली लागू नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।