झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की बहुप्रतीक्षित कंबाइंड ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (TGT) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद में झारखंड हाई कोर्ट ने अहम कदम उठाया है। कोर्ट ने लंबित नियुक्तियों और अभ्यर्थियों की पात्रता की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग बनाने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की पीठ ने इस जिम्मेदारी सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को सौंपी है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे। यह भर्ती प्रक्रिया (विज्ञापन संख्या 21/16) काफी समय से विवादों में रही है और इस पर पहले भी न्यायिक हस्तक्षेप हो चुका है।
मामला पूर्व में उच्च न्यायालय से होते हुए सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचा था, जहां सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को राज्यवार परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा निर्देशों का सही तरीके से अनुपालन नहीं किया गया। इसी आपत्ति के बाद मामला पुनः हाई कोर्ट के समक्ष आया।
न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच आवश्यक है, जिसके मद्देनजर एक स्वतंत्र आयोग का गठन जरूरी समझा गया। इससे पहले सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस.एन. पाठक को यह जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद यह दायित्व अब जस्टिस (सेवानिवृत्त) गौतम कुमार चौधरी को सौंपा गया है।
यह आयोग अभ्यर्थियों के आवेदन, उनकी पात्रता और चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगा। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवार और प्रिंस कुमार ने पक्ष प्रस्तुत किया। इस फैसले के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों की नजर अब आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।