झारखंड शराब घोटाला मामले में कारोबारी नवीन केडिया को रहत, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत

झारखंड शराब घोटाला मामले में कारोबारी नवीन केडिया को रहत, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत

झारखंड शराब घोटाला मामले में कारोबारी नवीन केडिया को रहत, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 30, 2026, 2:53:00 PM

झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी कारोबारी नवीन केडिया को उच्च न्यायालय से राहत मिल गई है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें कुछ सख्त शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केडिया को निचली अदालत में पांच लाख रुपये का निजी मुचलका जमा करना होगा।

जमानत देते समय अदालत ने कई अहम शर्तें भी निर्धारित की हैं। केडिया को अपना पासपोर्ट संबंधित निचली अदालत में जमा करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, जमानत देने वाला व्यक्ति उनका करीबी रिश्तेदार होना चाहिए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वे अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अदालत को उपलब्ध कराएं और जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।

यह मामला न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की अदालत में सुना गया। केडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवाशीष भारूका ने पक्ष रखा, जबकि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने जमानत का विरोध किया। एसीबी ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपी की भूमिका गंभीर है और उसे राहत नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन अदालत ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर ली।

गौरतलब है कि इससे पहले केडिया की जमानत याचिका एसीबी की विशेष अदालत द्वारा खारिज कर दी गई थी। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन प्रारंभिक चरण में वहां भी राहत नहीं मिली थी, क्योंकि उस समय वे फरार थे।

मामले की पृष्ठभूमि में आरोप है कि केडिया ने राज्य की पूर्व उत्पाद नीति के दौरान घटिया गुणवत्ता की देसी शराब की आपूर्ति की थी। इस आरोप के बाद एसीबी ने जांच शुरू की, जो अब भी जारी है।

केडिया की गिरफ्तारी इस वर्ष 7 जनवरी को गोवा से हुई थी। इसके दो दिन बाद, गोवा की एक अदालत ने उन्हें अस्थायी जमानत देते हुए 12 जनवरी तक रांची में एसीबी के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हालांकि, उन्होंने तय समय सीमा का पालन नहीं किया।

इस बीच, आरोपी ने अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने की अनुमति भी मांगी थी, जिसे न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहली पेशी के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना आवश्यक है, जैसा कि झारखंड हाईकोर्ट के 2025 के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों में निर्धारित है। अब जमानत मिलने के बाद जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और केडिया को अदालत द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करना होगा।