झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार से जुड़े विवादित बयान के मामले में झारखंड हाईकोर्ट से अहम राहत मिली है। अदालत ने कांके थाना में दर्ज आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का निर्देश देते हुए उनके खिलाफ चल रही कार्रवाई को निरस्त कर दिया।
यह मामला उस समय शुरू हुआ था जब मरांडी के एक यूट्यूब चैनल पर दिए गए बयान को लेकर आपत्ति जताई गई थी। इस बयान को आधार बनाकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज कराई गई थीं। कुल मिलाकर छह अलग-अलग जिलों में उन्हें आरोपी बनाया गया था।
हाईकोर्ट ने इससे पहले भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए दुमका जिले के बरहेट थाना और सिमडेगा जिले में दर्ज मामलों को खारिज कर दिया था। अब कांके थाना का केस भी समाप्त होने के साथ ही मरांडी को एक और महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिल गई है।
अदालत के इन फैसलों के बाद मरांडी के खिलाफ दर्ज अधिकांश मामलों पर विराम लग गया है। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि मामला सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के शीर्ष नेताओं के बीच टकराव से जुड़ा हुआ है।