हाईकोर्ट अधिवक्ता पर फायरिंग मामले का रांची पुलिस ने किया उद्भेदन, सुपारी देकर रची गई थी साजिश

हाईकोर्ट अधिवक्ता पर फायरिंग मामले का रांची पुलिस ने किया उद्भेदन, सुपारी देकर रची गई थी साजिश

हाईकोर्ट अधिवक्ता पर फायरिंग मामले का रांची पुलिस ने किया उद्भेदन, सुपारी देकर रची गई थी साजिश
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 12, 2026, 2:30:00 PM

रांची पुलिस ने वर्ष 2024 में हाईकोर्ट के अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले के मामले का पर्दाफाश करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह हमला किसी आपराधिक गैंगवार का परिणाम नहीं, बल्कि पैतृक जमीन के विवाद से जुड़ी एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।

पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2024 को अधिवक्ता बाबन प्रसाद मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार अपराधियों ने उन पर गोली चला दी थी। फायरिंग में वे घायल हो गए थे, जिसके बाद इस घटना ने कानूनी और पुलिस महकमे में काफी चर्चा बटोरी थी। मामले को गंभीर मानते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) की निगरानी में एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी।

लंबी जांच, तकनीकी साक्ष्यों और विभिन्न सूचनाओं के विश्लेषण के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें अनुज कुमार महतो को घटना का मुख्य साजिशकर्ता और गुलशन कुमार विश्वकर्मा को हमले को अंजाम देने वाला शूटर बताया गया है। पूछताछ के दौरान दोनों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है।

जांच में सामने आया कि अधिवक्ता बाबन प्रसाद और अनुज कुमार महतो के बीच पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अनुज ने कथित तौर पर अधिवक्ता की हत्या कराने की योजना बनाई और इसके लिए शूटर की मदद ली। पुलिस का दावा है कि हमले के पीछे आर्थिक या पेशेवर कारण नहीं, बल्कि जमीन संबंधी पुराना विवाद प्रमुख वजह था।

पुलिस ने यह भी बताया कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल और मोटरसाइकिल बाद में दिसंबर 2024 में चैनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े एक अन्य मामले की जांच के दौरान बरामद हो चुकी थी। इन बरामद सामग्रियों ने भी मामले की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गिरफ्तार आरोपियों में पलामू जिले के सुदना निवासी अनुज कुमार महतो और पोंची निवासी गुलशन कुमार उर्फ गुलशन कुमार विश्वकर्मा शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गुलशन के खिलाफ पहले से भी हथियार संबंधी और अन्य आपराधिक मामलों में केस दर्ज हैं।

इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन, रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो समेत कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।