उत्तर प्रदेश की दयाचंद इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को वर्षों से लंबित भुगतान नहीं करना हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) के शीर्ष प्रबंधन के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है। अदालत के निर्देश पर आपूर्ति करने वाली कंपनी ने एचइसी के सीएमडी के सरकारी आवास को अटैच कर दिया है। अब अगला कदम इस क्वार्टर की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करना बताया जा रहा है।
वकीलों की टीम के अनुसार, यह विवाद वर्ष 2017 से चला आ रहा है। दयाचंद इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज ने एचइसी को वेल्डिंग रॉड की आपूर्ति की थी, लेकिन कंपनी का दावा है कि इसके बदले भुगतान अब तक नहीं किया गया।
बकाया राशि नहीं मिलने पर आपूर्तिकर्ता कंपनी ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई ट्रिब्यूनल में आर्बिट्रेशन केस दायर किया। सुनवाई के बाद यूपी की संबंधित अदालत ने 2017 में कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एचइसी को भुगतान करने का आदेश दिया था।
फैसले को लागू कराने के लिए बाद में रांची सिविल कोर्ट में एग्जीक्यूशन केस दायर किया गया। हालांकि, इस दौरान एचइसी प्रबंधन की ओर से अदालत में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई।
लगातार गैरहाजिरी को गंभीर मानते हुए अदालत ने एकतरफा आदेश पारित कर एचइसी के सीएमडी के सरकारी क्वार्टर को अटैच करने का निर्देश दे दिया।
अदालती आदेश मिलने के बाद आपूर्ति कंपनी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सीएमडी के सरकारी आवास को अटैच कर लिया है। अब नियमों के तहत इस संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि बकाया राशि की वसूली संभव हो सके।
फिलहाल यह मामला एचइसी प्रबंधन के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।