मुख्यमंत्री आवास घेराव मामले में आजसू नेता की डिसचार्ज पिटीशन पर सुनवाई, 28 नवंबर को फैसला
मुख्यमंत्री आवास घेराव मामले में आजसू नेता की डिसचार्ज पिटीशन पर सुनवाई, 28 नवंबर को फैसला
मुख्यमंत्री आवास घेराव मामले में आजसू पार्टी के नेताओं के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई में नया मोड़ आया है। इस मामले में आजसू नेता देवशरण भगत की डिसचार्ज याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। झारखंड के एमपी/एमएलए विशेष अदालत ने फिलहाल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और 28 नवंबर को आदेश सुनाया जाएगा।
देवशरण भगत ने 15 सितंबर को अदालत में याचिका दायर कर अपने ऊपर लगे आरोपों से मुक्त होने की मांग की थी। इससे पहले आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की डिसचार्ज याचिका खारिज की जा चुकी है।
28 नवंबर की सुनवाई मुख्य रूप से आरोप गठन के बिंदु पर होगी। इस मुकदमे में अब तक आरोपी सूची में शामिल हैं:
-आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो
-सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी
-पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस
-पूर्व विधायक शिव पूजन मेहता
-प्रदेश प्रवक्ता देवशरण भगत
आरोप है कि इन नेताओं ने सरकारी कामकाज में बाधा डालने, नियमों का उल्लंघन करते हुए रैली आयोजित करने और अन्य कई गैरकानूनी गतिविधियों में भाग लिया। इस संबंध में लालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
साल 2021 में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने और अन्य मांगों को लेकर आजसू पार्टी ने मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मोरहाबादी मैदान में इकट्ठा हुए और रैली निकालकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उसी समय मोरहाबादी में रैली को रोक दिया था।