हजारीबाग नगर निकाय चुनाव 2026: 17 वार्ड आरक्षित, मैदान में उतरीं 50 से ज्यादा महिलाएं

हजारीबाग नगर निकाय चुनाव 2026: 17 वार्ड आरक्षित, मैदान में उतरीं 50 से ज्यादा महिलाएं

हजारीबाग नगर निकाय चुनाव 2026: 17 वार्ड आरक्षित, मैदान में उतरीं 50 से ज्यादा महिलाएं
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 05, 2026, 2:57:00 PM

झारखंड में नगर निकाय चुनावों का माहौल इस बार कुछ अलग नजर आ रहा है। खासकर हजारीबाग नगर निगम चुनाव 2026 में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षण का असर अब सीधे तौर पर चुनावी मैदान में दिखने लगा है।

इस बार नगर निगम क्षेत्र के कुल 36 वार्डों में से 17 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि बड़ी संख्या में महिलाएं न सिर्फ मतदान और प्रचार जैसे चुनावी कामों में सक्रिय हुई हैं, बल्कि उम्मीदवार के रूप में भी बड़ी तादाद में सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक सभी वार्डों को मिलाकर 50 से अधिक महिला प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है, जिसे हजारीबाग के नगर निकाय चुनाव इतिहास में एक अहम रिकॉर्ड के तौर पर देखा जा रहा है।

पहली बार चुनाव लड़ रहीं महिलाएं भी दिखा रहीं आत्मविश्वास

नामांकन करने वाली महिलाओं में कई ऐसी उम्मीदवार शामिल हैं जो पहली बार चुनावी राजनीति में उतर रही हैं। लेकिन उनके बीच आत्मविश्वास और तैयारी साफ दिखाई दे रही है। अधिकतर महिलाएं शिक्षित, जागरूक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही हैं। उनका कहना है कि बदलते समय में राजनीति अब केवल पुरुषों तक सीमित नहीं रह गई है और महिलाएं भी नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। महिला आरक्षित वार्ड संख्या 32 से नामांकन दाखिल करने वाली मिताली रश्मि प्रधान ने महिलाओं के लिए आरक्षण को सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने महिलाओं को आगे बढ़ने और अपनी क्षमता दिखाने का मंच दिया है। उनका मानना है कि महिलाएं अब सिर्फ घरेलू दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जनता ने समर्थन दिया तो वे वार्ड के विकास के लिए पूरी गंभीरता से काम करेंगी।

चुनाव मैदान में उतरी महिला प्रत्याशियों के अनुसार, वे अपने वार्डों में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने, पेयजल संकट दूर करने, सड़क निर्माण, शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देंगी। कई उम्मीदवारों ने यह भी संकेत दिया कि वे वार्ड स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान के लिए ठोस योजना के साथ मैदान में उतरी हैं।