हैबियस कॉर्पस मामला : पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने मांगा हर दस्तावेज का हिसाब

हैबियस कॉर्पस मामला : पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने मांगा हर दस्तावेज का हिसाब

हैबियस कॉर्पस मामला : पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, हाईकोर्ट ने मांगा हर दस्तावेज का हिसाब
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 01, 2026, 2:59:00 PM

झारखंड हाईकोर्ट ने कथित अवैध हिरासत से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल को बुधवार को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। यह मामला एक हैबियस कॉर्पस याचिका से जुड़ा है, जिसमें एक मैट्रिक परीक्षार्थी को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाया गया है।

यह याचिका अख्तरी खातून द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने अदालत को बताया कि उनके बेटे को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए पुलिस ने अपनी गिरफ्त में रखा। सुनवाई के दौरान वह छात्र अब्दुल हकीम भी अदालत में मौजूद रहा, जो पिछली तारीख पर अनुपस्थित था।

न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी से सीधे जवाब मांगने का फैसला किया, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत किन परिस्थितियों में की गई और क्या पुलिस ने नियमों का पालन किया।

इससे पहले भी अदालत ने सख्ती दिखाते हुए 26 फरवरी 2026 को चतरा के डीएसपी और टंडवा व लावालौंग थानों के प्रभारी अधिकारियों को तलब किया था। उस समय अदालत ने उनके मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए थे और उन्हें कोर्ट में पेश होने को कहा गया था। साथ ही एसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

बुधवार की सुनवाई में अदालत ने एसपी से कई महत्वपूर्ण सवाल किए, जिनमें हिरासत का आधार, केस डायरी की तैयारी और कानूनी प्रक्रियाओं के पालन से जुड़े मुद्दे शामिल थे। न्यायालय ने सभी संबंधित दस्तावेज शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा है।

एसपी द्वारा अपनी रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद अब अदालत अगली सुनवाई में उपलब्ध तथ्यों का मूल्यांकन करेगी और यह तय करेगी कि हिरासत कानूनी रूप से उचित थी या नहीं।