मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, सीईओ ने 70% मैपिंग पूरी होने की जानकारी दी

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, सीईओ ने 70% मैपिंग पूरी होने की जानकारी दी

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, सीईओ ने 70% मैपिंग पूरी होने की जानकारी दी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 10, 2026, 2:37:00 PM

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने आज निर्वाचन सदन से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने बताया कि राज्य में विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची और वर्तमान मतदाता सूची के बीच मैपिंग का कार्य अब तक लगभग 70 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की मैपिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए सरकारी कार्यालयों में विशेष कैंप आयोजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को मैपिंग प्रक्रिया में सहयोग मिल सके।

के. रवि कुमार ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों से आकर बसे मतदाताओं की पहचान करते हुए उन्हें उनके मूल राज्य की विगत गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से मैप किया जाए और इसकी अलग से रजिस्टर में प्रविष्टि की जाए। साथ ही एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणी की सूची का डिजिटलीकरण करने पर जोर दिया गया, ताकि आगामी गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रक्रिया सुगम हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य यह होना चाहिए कि कोई भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से वंचित न रहे।

बैठक में बताया गया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से विशेष स्टीकर जारी किए गए हैं, जिन पर संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ का नाम, मतदान केंद्र संख्या, विधानसभा क्षेत्र और मोबाइल नंबर अंकित किया जाना है। इन स्टीकरों को बीएलओ के कार्यक्षेत्र में चस्पा करने और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मतदाताओं को सीधे अपने बीएलओ तक पहुंचने में सुविधा हो सके। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग के 1950 टोल फ्री नंबर और ‘बुक ए कॉल’ सुविधा के प्रचार पर भी बल दिया गया।

के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की मैपिंग के लिए निर्धारित आठ चेकपॉइंट्स का कड़ाई से पालन करते हुए कार्य की निगरानी की जाए। गलत मैपिंग होने की स्थिति में गहन पुनरीक्षण के दौरान गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए इस चरण में विशेष सतर्कता आवश्यक है।

मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता सुधार को लेकर उन्होंने बीएलओ को मोबाइल फोन से फोटो लेकर बीएलओ ऐप में अपलोड करने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इसके अलावा 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 के प्रशिक्षण को भी अनिवार्य रूप से पूरा कराने को कहा गया, जिससे आगामी पुनरीक्षण के दौरान समन्वय बेहतर हो सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी बताया कि अन्य राज्यों में चल रहे गहन पुनरीक्षण के तहत दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में बाहरी राज्यों से प्राप्त दस्तावेजों का सत्यापन उसी दिन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अवकाश के दिनों में भी रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाने और गलत दस्तावेज मिलने पर तत्काल रिपोर्ट कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बोकारो के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा, प्रशिक्षण के नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित राज्यभर के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।