दक्षिण-पूर्व रेलवे के रांची रेल मंडल ने रांची-लोहरदगा-डालटनगंज रेल मार्ग पर पहली बार शटल ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंडल की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर उसे स्वीकृति के लिए रेलवे मुख्यालय भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही इस रूट पर यात्रियों को किफायती और सुविधाजनक रेल सेवा मिलने की संभावना है।
रेल मंडल से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित शटल ट्रेन रात 11 से 12 बजे के बीच डालटनगंज (मेदिनीनगर) से रवाना होगी और अलग-अलग स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह करीब छह बजे रांची पहुंचेगी। रेलवे की योजना इस रूट पर प्रतिदिन दो ट्रिप संचालित करने की है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिल सके।
इस सेवा से खासतौर पर विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को लाभ होने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि शटल ट्रेन शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी अधिक सुगम हो जाएगी। लातेहार, बरवाडीह, लोहरदगा सहित आसपास के इलाकों के लोगों के लिए रांची आना-जाना पहले से अधिक आसान हो सकता है।
इसी क्रम में रांची रेल मंडल ने एक अन्य योजना पर भी काम शुरू कर दिया है। मंडल रांची से हजारीबाग के लिए मेसरा के रास्ते शटल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भी तैयार कर रहा है, जिसे जल्द मुख्यालय भेजे जाने की तैयारी है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि ये दोनों शटल सेवाएं शुरू होती हैं तो स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्रीय रेल नेटवर्क को भी मजबूती मिलेगी।
प्रस्तावित रांची-डालटनगंज शटल ट्रेन टोरी, चेतर, रिचुघुटू, डेमू, लातेहार, बेंदी, कुमेंदी, हेहेगड़ा हॉल्ट, छिपादोह, बरवाडीह, मंगरा, केचकी, चियांकी, बोदाग्राम, बड़किचांपी, हेंदलासो, भोकता बगीचा, लोहरदगा, इरगांव, अकासी, नागजुआ, नरकोपी, तंगरबसुली, इटकी, पिस्का और अरगोड़ा सहित कई स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
इस रूट के कई छोटे स्टेशन, जहां अब तक नियमित ट्रेन सुविधा सीमित रही है, उन्हें पहली बार लगातार और सुलभ रेल सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।